संतशिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के संयम स्वर्ण महोत्सव के पावन अवसर पर परम पूज्य सराकोद्धारक आचार्यरत्न श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा ने एक महिला संगठन का निर्माण करने की प्रेरणा दी गई थी। जिसका निर्देशन सभी ब्रह्मचारिणी बहनो (मुख्यतः अनिता दीदी व मंजुला दीदी) द्वारा किया जाता है ।इस समिति का गठन 1 मई 2018 को आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज के अवतरण दिवस के दिन किया गया ।इसका नाम समिति के सभी सदस्यो की सर्वसम्मति से क्षेत्र की माटी के लाल के नाम पर ज्ञानोदय समिति रखा गया।

ज्ञानोदय समिति की तरफ से हर महीने भक्तामर का पाठ 48 दीपको के साथ किया जाता है और ये दीपक मंडल पर समर्पित किए जाते हैं ।

महीने में एक बार शांति विधान, भक्तामर महामंडल विधान एवं अन्य सभी प्रकार के विधानो का समय समय पर आयोजन किया जाता है ।

इसके साथ-साथ हर महीने वृद्धाश्रम में मिष्ठान और सामग्रियों का वितरण किया जाता है ।े।

चौबीस तीर्थकरो के जन्म कल्याणक , निर्वाण दिवस व पर्वो के दिनो मे धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जाते है।

ज्ञानोदय समिति की तरफ से नगर में प्रत्येक साधु संत के आहार,विहार और निहार की व्यवस्था की जाती है।

इस समिति मे सभी वर्ग की महिलाओं (विशेषत: नई बहुओ) को सम्मिलित किया गया है ताकि वे इन सभी धार्मिक कार्यो तथा संस्कारो को अपने बच्चो तथा आने वाली पीढीयों को धरोहर के रूप मे प्रदान कर सके। सभी महिलाएँ समिति की सभी गतिविधियो मे बढ चढ कर हिस्सा ले रही है ।यह सब ब्रहमचारिणी बहनो के प्रयासो का ही फल है कि ये संगठन निरंतर कार्यरत है और दिनो दिन इसके सदस्यो की संख्या बढती जा रही है ।

ब्र .बहन ललिता दीदी का मानना है कि इस प्रकार के संगठनो से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने नगरो ,कस्बो मे इस प्रकार की समितियो को संगठित करने का संकल्प लेना चाहिए।