तीर्थंकर महावीर के पाँच नाम

तीर्थंकर महावीर के पाँच नाम वीर—जन्माभिषेक के समय इन्द्र को शंका हुई कि बालकइतने जलप्रवाहको कैसे सहनकोरेगा। बालक ने अवधिज्ञान से जानकर पैर के अंगूठे से मेरुपर्वत को थोड़ा-सा दबाया,…

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तीर्थंकर महावीर

तीर्थंकर महावीर भगवान महावीर की माता का नाम त्रिशला, पिता का नाम राजा सिद्धार्थ था| भगवान महावीर अच्युत स्वर्ग के पुष्पोत्तर विमान से माता के गर्भ में आए। बालक महावीर…

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जैनधर्म की प्राचीनता

जैनधर्म की प्राचीनता जैन धर्म अनादिनिधन है अर्थात् यह अनादिकाल से है एवं अनन्तकाल तक रहेगा। इसके संस्थापक तीर्थंकर ऋषभदेव, तीर्थंकर पार्श्वनाथ एवं तीर्थंकर महावीर भी नहीं हैं। इतना अवश्य…

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अष्ट प्रतिहार्य और अष्टमंगल

अष्ट प्रतिहार्य और अष्टमंगल अष्ट प्रतिहार्य भगवान के होते है, जो केवलज्ञान के बाद प्रकट होते हैं। अष्ट प्रतिहार्य हैं- अशोक वृक्ष, चौसंठ चंवर, भामंडल, देव दुंदुभी वादन, तीन छत्र,…

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समन्तभद्र स्वामी

समन्तभद्र स्वामी स्वामी समन्तभद्र का जन्म दक्षिण भारत के फणिमण्डल देश के उरगपुर नगर में हुआ था। यह कावेरी नदी के तट पर एक प्रसिद्ध नगर था और इसे पुरानी…

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आचार्य उमास्वामी

आचार्य उमास्वामी आज से लगभग 1800वर्ष पूर्व ईसा की दूसरी शताब्दी में आचार्य उमास्वामी हुए। उन्होंने 18 वर्ष की अवस्था में मुनिदीक्षा ली और 25 वर्ष बाद आचार्य पद धारण…

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आचार्य श्री कुन्दकुन्द स्वामी

आचार्य श्री कुन्दकुन्द स्वामी लगभग 2100 वर्ष पहले आचार्य कुंदकुंद स्वामी का जन्म आंध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले के कोण्डकुंदु (कुन्दकुन्दपुरम) (कुरुमलई) में माघ शुक्ल पंचमी को ईसवी से 108…

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अष्टान्हिका पर्व

अष्टान्हिका पर्व अष्टान्हिका पर्व का संबंध 8वाँ द्वीप नंदीश्वर द्वीप से हैं। वहां कुल 52 पर्वत है, एक एक पर्वत के शिखर पर एक एक अकृत्रिम जिनमंदिर और एक मंदिर…

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तीर्थंकर की विभिन्न विशेषताएं

तीर्थंकर की विभिन्न विशेषताएं –गर्भ तीर्थंकर भगवान के गर्भ में आने के छह महीने पहले ही इन्द्र की आज्ञा से कुबेर माता के आंगन में त्रिकाल में साढे़ तीन करोड़…

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